काव्य पिळोणिया | काढिले हे सारं | पेलवेना भारं | तिच्यामारी,
सांगा तरी आम्ही | किती मारू ट्राय | झेपतच नाय | आज्याबात
कैसी पचवावी | वेदांताची पेंडी | रेड्याच्याही तोंडी | फेस यावा
सुरु केला कोणी | जीवन प्रवास | द्यावी एक त्यास | थोतरीत
मृगजळा पाठी | धावोन फुकाचं | मेंदूस उगाचं | शॉट द्यावा
कसले समास | नाही आदमास | मारिले वृत्तास | फाट्यावर
यमकांचे गावी | जाहला सुकाळु | शब्दांचे जंजाळु | फैलावले
बंध चारोळीचे | लावितो वेदांस | कैसी या बेन्द्र्यास | बुद्धी नसे
Shabdch nahit bolayla!! Hahahahahaha..
ReplyDeleteAhya great ahes tu!!
हाहाहा एकच नंबर
ReplyDelete